रोज़े महशर मुस्तफ़ा के दस्त-ए-अतहर देखना || Roze Mehshar Mustafa Ke Dast-e-Athar Dekhna
Roze Mehshar Mustafa Ke Dast-e-Athar Dekhna Lyrics In Hindi
रोज़े महशर मुस्तफ़ा के दस्त-ए-अतहर देखना
कैसे करते है अता वो जाम-ए-कौसर देखना
दफ़्तर-ए-आमाल है मेरा सिया तर देखना
मेरी जानिब भी शफी-ए-रोज़े महशर देखना
चाँदनी छटके न छटके आसमाँ के चाँद की
जगमगाता है नबी का रू-ए-अनवर देखना
जब कहेंगे हम ग़ुलाम-ए-अहमद-ए-मुख़्तार हैं
फिर तो रिज़वां खोल देंगे ख़ुल्द का दर देखना
गुंबद-ए-ख़ज़रा को देखें है यही एक आरज़ू
देखिए आता है कब हमको मयस्सर देखना
मुस्तफ़ा जिस वक़्त जलवा-बार होंगे हश्र में
देखने सब अहल-ए-महशर होंगे सुशदर देखना
हश्र के मैदाँ में भी है शफ़ीक़-ए-ख़ुशनवा
हम पढ़ेंगे शान से ना’त-ए-पयम्बर देखना
शफ़ीक़ रायपुरी छत्तीसगढ़