नात कहता हूँ मैं नात पढ़ता हूँ मैं | प्यारे आक़ा की मिदहत बड़ी चीज़ है || Naat Kehta Hoon Main Naat Padhta Hoon Main | Pyare Aaqa Ki Midhat Badi Cheez Hai
Naat Kehta Hoon Main Naat Padhta Hoon Main | Pyare Aaqa Ki Midhat Badi Cheez Hai Lyrics In Hindi
ना’त कहता हूँ मैं, ना’त पढ़ता हूँ मैं
प्यारे आक़ा की मिदहत बड़ी चीज़ है
ये स’आदत भी है, ये ‘इबादत भी है
ना’त पढ़ने की ‘आदत बड़ी चीज़ है
शेर बकरी को ले कर गया शान से
लोग समझे की बकरी गई जान से
मुस्तफ़ा की बदौलत अमाँ मिल गई
मुस्तफ़ा की ज़ियारत बड़ी चीज़ है
जाँ की बाज़ी लगा कर भी नाकाम हो
इक अदा छोड़ कर कैसे बे-दाम हो
सिर्फ़ मिस्वाक से जंग को जीत ली
मेरे आक़ा की सुन्नत बड़ी चीज़ है
डूब कर भी वो फ़ौरन पलट आएगा
और सहबा में आ कर ये बताएगा
हुक्म-ए-महबूब-ए-रब मानना है मुझे
मुस्तफ़ा की इता’अत बड़ी चीज़ है
चार सौ साल से साँप बेताब था
उस की आँखों में बस एक ही ख़्वाब था
इक नज़र देख लूँ रू-ए-बदरूद्दुजा
उस के दिल की ये हसरत बड़ी चीज़ है
जिस को चाहा नबी ने वली कर दिया
इक नज़र उठ गई और ‘अली कर दिया
पूछो सिद्दीक़-ओ-फ़ारूक़-ओ-‘उस्मान से
मुस्तफ़ा की ख़िलाफ़त बड़ी चीज़ है
माँ के क़दमों को सर पे उठाए चलो
उस की ता’ज़ीम दिल में बसाए चलो
उस से कतरा के दोज़ख़ में जाओ न तुम
माँ के क़दमों की जन्नत बड़ी चीज़ है
मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत का फ़ैज़ान है
अहल-ए-सुन्नत का महफ़ूज़ ईमान है
आ’ला हज़रत का ‘आलम में ए’लान है
मुस्तफ़ा की मोहब्बत बड़ी चीज़ है
असद इक़बाल कलकत्तवी