क़ादरी आस्ताना सलामत रहे | मुस्तफ़ा का घराना सलामत रहे || Qadri Aastana Salamat Rahe | Qadri Astana Salamat Rahe | Mustafa Ka Gharana Salamat Rahe
Qadri Aastana Salamat Rahe | Qadri Astana Salamat Rahe | Mustafa Ka Gharana Salamat Rahe Lyrics In Hindi
क़ादरी आस्ताना सलामत रहे
मुस्तफ़ा का घराना सलामत रहे
पल रहे हैं जहाँ से ये दोनों जहाँ
वो सख़ी आस्ताना सलामत रहे
पल रहे हैं जहाँ से ये शाह-ओ-गदा
वो सख़ी आस्ताना सलामत रहे
दर्दमंदों के सर पर है साया-फ़िगन
आप का शामियाना सलामत रहे
तुम से मंसूब है ज़िंदगी का निसाब
हश्र तक ये फ़साना सलामत रहे
ये नकीरैन बोले मुझे क़ब्र में
मुस्तफ़ा का दीवाना सलामत रहे
हुक्म था कि अदा हों नमाज़ें पचास
आप का आना-जाना सलामत रहे
है क़यामत तलक हर ज़माना तेरा
तेरा हर इक ज़माना सलामत रहे
ग़ौस की महफ़िलें फिर से सजने लगीं
सुन्नियों का घराना सलामत रहे
‘इत्रत-ए-फ़ातिमा पर उजागर निसार
सय्यिदा का घराना सलामत रहे
अल्लामा निसार अली उजागर
मिलाद रज़ा क़ादरी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी
मोहम्मद शरीफ़ रज़ा पाली