मुझ को दिखा दे मौला तयबा का वो नज़ारा || Mujhko Dikha De Maula Taiba Ka Wo Nazara
Mujhko Dikha De Maula Taiba Ka Wo Nazara Lyrics In Hindi
मुझ को दिखा दे, मौला ! तयबा का वो नज़ारा
वो सब्ज़ प्यारा गुंबद, दिलकश हसीं मिनारा
वो शहर-ए-मुस्तफ़ा सब शहरों से है मुबारक
है रहमतों का दरिया, अनवार का है धारा
हसरत है मेरे दिल में शहर-ए-नबी की बेहद
जाऊँगा वाँ तड़प कर, हो जाएगा इशारा
सिद्दीक़, ‘उमर, ‘अली और ‘उस्मान का है मस्कन
उस शहर-ए-ज़ी-क़दर को देखूँ कभी ख़ुदारा
मो ख़ाक-ए-पा मुहम्मद आँखों में मैं लगाऊँ
तयबा की प्यारी गलियाँ, देखूँ हर इक किनारा
उस शहर में भटक कर, सज्जाद ! ‘उम्र गुज़रे
और ना’तें पढ़ते पढ़ते करता रहूँ गुज़ारा
सज्जाद अहमद (टाइपिस्ट)
हाफ़िज़ अहमद मुज्तबा