जब कर्बला हुसैन का लश्कर निकल गया || Jab Karbala Hussain Ka Lashkar Nikal Gaya
Jab Karbala Hussain Ka Lashkar Nikal Gaya Lyrics In Hindi
जब कर्बला हुसैन का लश्कर निकल गया
जब कर्बला हुसैन का असग़र निकल गया
इस्लाम की हयात का नक़्शा बदल गया
ज़िक्र-ए-नबी से ज़ीस्त ने पाई है रौशनी
नाद-ए-’अली से हर बड़ा तूफ़ान टल गया
बोला यज़ीद अब तो मेरी हार हो गई
हुर्र लश्कर-ए-हुसैन की जानिब फिसल गया
ऐसी नमाज़ जो बनी इस बात की गवाह
सब्र-ए-हुसैन ज़ुल्म को ज़िंदा निगल गया
तुम तीर मार कर भी गिरे, उठ नहीं सके
असग़र तो तीर खा के भी फ़ौरन सँभल गया
बच्चों को पलते देखा है माओं की गोद में
ज़हरा तुम्हारी गोद में इस्लाम पल गया
ज़ैनब तुम्हारे ख़ुत्बे में इक ऐसी आग थी
शैतान मुल्क-ए-शाम का पल भर में जल गया