चाँद तारे ही क्या देखते रह गए || Chand Tare Hi Kya Dekhte Rah Gaye
Chand Tare Hi Kya Dekhte Rah Gaye Lyrics In Hindi
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
पढ़ के रूहुल-अमीं सुरह-ए-वद्दुहा
सूरत-ए-मुस्तफ़ा देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
वो इमामत की शब, वो सफ़-ए-अंबिया
मुक़्तदी, मुक़्तदा देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
वो गए अर्श तक, और रूहुल-अमीं
सिदरतुल-मुंतहा देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
क्या ख़बर ! किस को कब जाम-ए-कौसर मिला
हम तो उन की अदा देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
नेक-ओ-बद पर हुआ उन का यकसाँ करम
लोग अच्छा-बुरा देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
हो के गुम, ए नसीर ! उन के जलवों में हम
शान-ए-रब्बुल-’उला देखते रह गए
उन को अर्ज़-ओ-समा देखते रह गए
चाँद तारे ही क्या देखते रह गए
पीर नसीरुद्दीन नसीर
मिलाद रज़ा क़ादरी
हुनैन रज़ा
हाफ़िज़ एहसान क़ादरी