चाहते आप तो ख़ुद दौड़ के आता पानी || Chahte Aap To Khud Daud Ke Aata Pani
Chahte Aap To Khud Daud Ke Aata Pani Lyrics In Hindi
चाहते आप तो ख़ुद दौड़ के आता पानी
या हुसैन ! आप की ठोकर से निकलता पानी
क्या थी औक़ात पिला देते जो दरिया पानी
मेरे ‘अब्बास ने दरिया को पिलाया पानी
एड़ियाँ अपनी ज़मीं पर जो रगड़ते असग़र
कर्बला ! तेरे सँभाले न सँभलता पानी
आसमाँ ! गर तुझे शब्बीर इशारा करते
दिल ये कहता है कि दिन-रात बरसता पानी
इतने तर-दस्त थे ‘अब्बास के दोनों बाज़ू
पड़ गया जिस के भी उस ने नहीं माँगा पानी
तुझ पे सौ जान है क़ुर्बान मेरी, ऐ असग़र !
तेरी हिम्मत ने यज़ीदों को पिलाया पानी
कौन कहता है कि पानी के थे प्यासे शब्बीर
सच तो ये है कि था शब्बीर का प्यासा पानी
या ‘अली शेर-ए-ख़ुदा ! आप के बेटे शब्बीर
हुक्म दे देते तो सूरज भी उगलता पानी
मोहम्मद शरीफ़ रज़ा बासनी
जैनुल आबेदीन