मदीने से बुलावा आ रहा है || Madine Se Bulawa Aa Raha Hai
Madine Se Bulawa Aa Raha Hai Lyrics In Hindi
मदीने से बुलावा आ रहा है
मेरा दिल मुझ से पहले जा रहा है
शब-ए-फ़ुर्क़त से दिल घबरा रहा है
मदीना आप का याद आ रहा है
यहाँ मर्ज़ी नहीं चलती किसी की
मदीने वाला ही बुलवा रहा है
‘अजब हैं सब्ज़-गुंबद के नज़ारे
निगाहों को ख़ुदा याद आ रहा है
नवाज़ों का वो सदक़ा बाँटते हैं
ज़माना उन का सदक़ा खा रहा है
मेरा दिल भी तू अपने साथ ले जा
अकेला क्यूँ मदीने जा रहा है
बुलाएँगे तुझे भी सरकार-ए-दीं
दिल-ए-महमूद क्यूँ घबरा रहा है
ये चक्की सय्यिदा की चल रही है
ज़माना जितना लंगर खा रहा है
सवारी हश्र में गुज़री है किस की
सर-ए-इंसां झुकाया जा रहा है
कहेंगे मुस्तफ़ा, क़दमों से लग जा
दर-ए-ज़हरा से हो कर आ रहा है
ज़बीब-ए-बे-नवा, ज़हरा के सदक़े
ज़माने भर में ‘इज़्ज़त पा रहा है
सय्यिद महमूद शाह – मुहद्दिस-ए-हज़ारवी
सय्यिद हसनैन-उल-सक़लैन – हसनी सय्यिद
ज़ोहेब अशरफ़ी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी
अनस इकराम
फ़िरोज़ अशरफ़ी पाली