हबीब-ए-ख़ुदा का नज़ारा करूँ मैं || Habib-e-Khuda Ka Nazara Karoon Main
Habib-e-Khuda Ka Nazara Karoon Main Lyrics In Hindi
हबीब-ए-ख़ुदा का नज़ारा करूँ मैं
दिल-ओ-जान उन पर निसारा करूँ मैं
तेरी कफ़्श-ए-पा यूँ सँवारा करूँ मैं
कि पलकों से उस को बुहारा करूँ मैं
तेरी रहमतें ‘आम हैं फिर भी, प्यारे !
ये सदमात-ए-फ़ुर्क़त सहारा करूँ मैं
मुझे अपनी रहमत से तू अपना कर ले
सिवा तेरे सब से किनारा करूँ मैं
मैं क्यूँ ग़ैर की ठोकरें खाने जाऊँ
तेरे दर से अपना गुज़ारा करूँ मैं
सलासिल मसाइब के अब्रू से काटो
कहाँ तक मसाइब गवारा करूँ मैं
ख़ुदा-रा ! अब आओ कि दम है लबों पर
दम-ए-वापसीं तो नज़ारा करूँ मैं
तेरे नाम पर सर को क़ुर्बान कर के
तेरे सर से सदक़ा उतारा करूँ मैं
ये इक जान क्या है ! अगर हों करोड़ों
तेरे नाम पर सब को वारा करूँ मैं
मुझे हाथ आए अगर ताज-ए-शाही
तेरी कफ़्श-ए-पा पर निसारा करूँ मैं
तेरा ज़िक्र लब पर, ख़ुदा दिल के अंदर
यूँही ज़िंदगानी गुज़ारा करूँ मैं
दम-ए-वापसीं तक तेरे गीत गाऊँ
मुहम्मद मुहम्मद पुकारा करूँ मैं
तेरे दर के होते कहाँ जाऊँ, प्यारे !
कहाँ अपना दामन पसारा करूँ मैं
मेरा दीन-ओ-ईमाँ फ़रिश्ते जो पूछें
तुम्हारी ही जानिब इशारा करूँ मैं
ख़ुदा ऐसी क़ुव्वत दे मेरे क़लम में
कि बद-मज़हबों को सुधारा करूँ मैं
ख़ुदा एक पर हो तो इक पर मुहम्मद
अगर क़ल्ब अपना दो-पारा करूँ मैं
ख़ुदा ख़ैर से लाए वो दिन भी, नूरी !
मदीने की गलियाँ बुहारा करूँ मैं
सबा ही से, नूरी ! सलाम अपना कह दे
सिवा इस के क्या और चारा करूँ मैं
मुस्तफ़ा रज़ा ख़ान नूरी
ओवैस रज़ा क़ादरी
निब्रास रज़ा क़ादरी
फरहान अली क़ादरी