पहुँचूँ दर-ए-सरकार पे चाहा तो यही है || Pahunchu Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai
Pahunchu Dare Sarkar Pe Chaha To Yahi Hai Lyrics In Hindi
पहुँचूँ दर-ए-सरकार पे चाहा तो यही हैं
आगे मेरी तक़दीर, तमन्ना तो यही हैं
ये उन की रिज़ा है, मुझे भेजें, मुझे रोकें
वापस मैं नहीं आऊँगा, सोचा तो यही हैं
है गुंबद-ए-ख़ज़रा के सिवा और भी जलवे
आँखों के लिए ख़ास नज़ारा तो यही हैं
इज़्हार-ए-ग़म-ए-हिज्र की क्या शक्ल निकालूँ
रोने की भी ताक़त नहीं, रोना तो यही हैं
याद उन की रहे दिल में, जमाल उन का नज़र में
नाम उन का ज़बाँ पर रहें, अच्छा तो यही हैं
इक ख़ास महक आने लगी मौज-ए-हवा में
आसार बताते हैं, मदीना तो यही हैं
हर साँस से आती हैं सदा सल्ले-’अला की
हम लाख जीएँ, अस्ल में जीना तो यही हैं
वो मंज़िल-ए-मक़सूद भी अल्लाह दिखाए
अनवार बता देते हैं रस्ता तो यही हैं
तयबा में हूँ, सब कुछ मेरे दामन में हैं, ‘आसी !
दुनिया का करूँ क्या ? मेरी दुनिया तो यही हैं
‘आसी करनाली
ओवैस रज़ा क़ादरी
ज़ोहेब अशरफ़ी
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी
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