ऐ शहंशाह-ए-मदीना अस्सलातु वस्सलाम || Aye Shahenshah-e-Madina Assalatu Wassalam
Aye Shahenshah-e-Madina Assalatu Wassalam Lyrics In Hindi
ऐ शहंशाह-ए-मदीना ! अस्सलातु वस्सलाम
ज़ीनत-ए-’अर्श-ए-मु’अल्ला ! अस्सलातु वस्सलाम
रब्बी हब ली उम्मती कहते हुए पैदा हुए
हक़ ने फ़रमाया की बख़्शा, अस्सलातु वस्सलाम
दस्त-बस्ता सब फ़रिश्ते पढ़ते हैं उन पर दुरूद
क्यूँ ना हो फिर विर्द अपना अस्सलातु वस्सलाम
मोमिनों ! पढ़ते नहीं क्यूँ अपने आक़ा पर दुरूद
है फ़रिश्तों का वज़ीफ़ा अस्सलातु वस्सलाम
मोमिनों ! पढ़ते रहो तुम अपने आक़ा पर दुरूद
है फ़रिश्तों का वज़ीफ़ा अस्सलातु वस्सलाम
बुत-शिकन आया ये कह कर, सर के बल बुत गिर गए
झूम कर कहता था का’बा अस्सलातु वस्सलाम
सर झुका कर बा-अदब ‘इश्क़-ए-रसूलुल्लाह में
कह रहा था हर सितारा अस्सलातु वस्सलाम
गुंचे चटके फूल महके चहचहाईं बुलबुलें
गुल खिला बाग़-ए-अहद का अस्सलातु वस्सलाम
मैं वो सुन्नी हूँ, जमील-ए-क़ादरी ! मरने के बा’द
मेरा लाशा भी कहेगा अस्सलातु वस्सलाम
मौलाना जमीलुर्रहमान रज़वी क़ादरी
ओवैस रज़ा क़ादरी
हाफ़िज़ कामरान क़ादरी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी