अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू | ये ज़मीं जब न थी ये जहाँ जब न था || Allah Hoo Allah Hoo Allah Hoo | Ye Zameen Jab Na Thi Ye Jahan Jab Na Tha
Allah Hoo Allah Hoo Allah Hoo | Ye Zameen Jab Na Thi Ye Jahan Jab Na Tha Lyrics In Hindi
तेरे ही नाम से हर इब्तिदा हैं
तेरे ही नाम तक हर इंतिहा हैं
तेरी हम्द-ओ-सना अल-हम्दु-लिल्लाह
कि तू मेरे मुहम्मद का ख़ुदा हैं
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
ये ज़मीं जब न थी, ये जहाँ जब न था
चाँद सूरज न थे, आसमाँ जब न था
राज़-ए-हक़ भी किसी पर ‘अयाँ जब न था
जब न था कुछ यहाँ, था मगर तू ही तू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
पहुँचे मे’राज में ‘अर्श तक मुस्तफ़ा
जब न मा’बूद बंदे में पर्दा रहा
तब मलाइक ने हज़रत से झुक कर कहा
सारी मख़लूक़ में हक़-नुमा तू ही तू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
डाली डाली तेरी तख़्लीक़ के गुन गाती हैं
पत्ता पत्ता यही कहता है कि मा’बूद है तू
ख़ालिक़-ए-कुल है तू इस में क्या गुफ़्तुगू
सारे ‘आलम को है तेरी ही जुस्तुजू
तेरी जल्वा-गरी है ‘अयाँ चार-सू
ला-शरीका-लहू मालिक-उल-मुल्क तू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
ला-इलाहा तेरी शान, या वहदहू !
तू ख़्याल-ओ-तजस्सुस तू ही आरज़ू
आँख की रौशनी दिल की आवाज़ तू
था भी तू, हैं भी तू, होगा भी तू ही तू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
अल्लाह हू अल्लाह हू अल्लाह हू
उस्ताद नुसरत फ़तह अली ख़ान
हाफ़िज़ अहमद रज़ा क़ादरी
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी