खोया हुआ बटुआ
✨ ईमानदारी इंसान को अल्लाह के करीब ले जाती है…
समीर एक नेक दिल बच्चा था। वो हमेशा कोशिश करता था कि किसी का हक़ कभी न छीने।
एक दिन वो अपने अब्बू के साथ बाज़ार गया था। वापस आते वक़्त उसे सड़क के किनारे एक बटुआ पड़ा मिला। समीर ने उसे उठाया। जब उसने खोला, तो उसमें बहुत सारे पैसे थे।
उसके दिल में ख़्याल आया : “अगर मैं ये पैसे रख लूं… तो कितनी चीज़ें ख़रीद सकता हूँ…”
लेकिन तभी उसे अपनी अम्मी की बात याद आई : “बेटा, मुसलमान कभी किसी की अमानत अपने पास नहीं रखता।”
समीर कुछ देर सोचता रहा। फिर उसने फ़ैसला किया कि वो बटुए के असली मालिक को ढूंढेगा।
थोड़ी दूर जाने पर उसने एक अंकल को परेशान हालत में इधर-उधर देखते हुए देखा।
समीर उनके पास गया और पूछा : “अंकल, क्या आपका कुछ खो गया है?”
अंकल ने घबराकर कहा : “हाँ बेटा, मेरा बटुआ कहीं गिर गया है… उसमें ज़रूरी पैसे थे।”
समीर मुस्कुराया और बोला : “क्या ये आपका है?”
अंकल की आँखों में ख़ुशी आ गई। उन्होंने तुरंत बटुआ लिया और कहा : “अल्लाह तुम्हें ख़ुश रखे बेटा… आज के दौर में इतनी ईमानदारी बहुत कम मिलती है।”
समीर के चेहरे पर सुकून था। उसे महसूस हुआ कि किसी की अमानत लौटाने की ख़ुशी, पैसों से कहीं ज्यादा बड़ी होती है।
रात को उसने अल्लाह का शुक्र अदा किया। उसके दिल में अजीब सी राहत थी… क्योंकि उसने ईमानदारी का रास्ता चुना था।
🌟 सबक़ (Moral Lesson)
👉 ईमानदारी अल्लाह को बहुत पसंद है।
👉 किसी की अमानत कभी अपने पास नहीं रखनी चाहिए।
👉 सही काम करने से दिल को सुकून मिलता है।
