Dua-e-Qunoot || दुआ-ए-कुनूत
दुआ-ए-कुनूत क्या है ?
- दु’आ-ए-कुनूत वह दु’आ है जो वित्र की नमाज़ की तीसरी रक’अत में पढ़ी जाती है।
- इस दु’आ में बंदा अल्लाह तआला से मदद, माफ़ी, रहमत और हिदायत की दु’आ करता है।
- यह दु’आ अल्लाह के सामने अपनी कमज़ोरी और उसकी ताक़त का इकरार है।
Dua-e-Qunoot In Hindi
अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तइनु क व नस्तग्फिरूक व नुअमिनु बि क व न तवक्कलु अलैक व नुस्नी अलैकल ख़ैर व नशकुरुक वला नक्फुरू क व नख लऊ व नतरूकु मंय्यफ्जुरू क अल्लाहुम्म इय्याका नअबुदू व लका नुसल्ली व नस्जुदू व इलैक नसआ व नहफिदु व नरजु रहमत क व नख्शा अजा ब क इन्न अजा ब क बिल कुफ्फारि मुल्हिक
Dua-e-Qunoot In English
Allahumma Inna Nastainuka Wa Nastagfiruka Wa Nuaminu Bika Wa Na Tawakkalu Alaika Wa Nusni Alaikal Khair Wa NashKuruk Walaa Nakfuruka Wa Nakh Lao Wa Natruku Mayyafzuruk Allahumma Iyyaka N’Abudu Wa Lakaa Nusalli Wa Nasjudu Wa ILaika Nas’aa Wa Nahfidu Wa Narzuu Rahmatka Wa Nakhsha Azza Inna Azza Baka Bil Kuffari Mullh-eek
Dua-e-Qunoot In Arabic
اَللَّهُمَّ إنا نَسْتَعِينُكَ وَنَسْتَغْفِرُكَ وَنُؤْمِنُ بِكَ وَنَتَوَكَّلُ عَلَيْكَ وَنُثْنِئْ عَلَيْكَ الخَيْرَ
وَنَشْكُرُكَ وَلَا نَكْفُرُكَ وَنَخْلَعُ وَنَتْرُكُ مَنْ ئَّفْجُرُكَ اَللَّهُمَّ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَلَكَ نُصَلِّئ وَنَسْجُدُ
وَإِلَيْكَ نَسْعأئ وَنَحْفِدُ وَنَرْجُو رَحْمَتَكَ وَنَخْشآئ عَذَابَكَ إِنَّ عَذَابَكَ بِالكُفَّارِ مُلْحَقٌ
Dua-e-Qunoot Meaning In Hindi
“ऐ अल्लाह ! हम तुझ ही से मदद मांगते हैं, तुझ ही से बख्शिश मांगते हैं, और तुझ ही पर ईमान लाते हैं। हम तुझ पर भरोसा करते हैं और तेरी बेहतरीन तारीफ़ करते हैं। हम तेरा शुक्र अदा करते हैं और तेरी ना-शुक्री नहीं करते। हम उन लोगों से ताल्लुक तोड़ते हैं और अलग होते हैं जो तेरी ना-फ़रमानी करते हैं।”
“ऐ अल्लाह ! हम तेरी ही इबादत करते हैं, तेरे ही लिए नमाज़ पढ़ते हैं और सजदा करते हैं। हम तेरी ही तरफ़ दौड़ते हैं और तेरी ही ख़िदमत में हाज़िर होते हैं। हम तेरी रहमत की उम्मीद रखते हैं और तेरे अज़ाब से डरते हैं, बेशक तेरा अज़ाब काफिरों को पहुँचने वाला है।”
Dua-e-Qunoot Yaad Na Ho To Kya Padhe ?
अगर आपको दुआ ए कुनूत जेहन में न हो यानी याद न हो तो आप इस दुआ को पढ़ कर वित्र की नमाज़ की वाजिब दुरूस्त कर सकते हैं।
रब्बना आतिना फिद्दुनिया हसनतंव व फिल आखिरति हसनतंव वकिना अज़ाबन नार
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّار
Rabbna Aatina Fidduniya Hasanatanw Wa Fil Aakhirati Hasanatanw Wakinaa Azaaban Naar.